परिचय: खेतों से लेकर कैसे पहुंचा कबड्डी के मैदानतक ।
आज हम बायोग्राफी देखेंगे देवांग दलाल की। किस तरीके से वह एक खेतों से काम करते-करते कबड्डी के मैदान तक पहुंच गया है और आज एक बहुत अच्छा खिलाड़ी भी है जानते हैं उसकी जीवनी क्या रही है आईए देखते हैं।
देवंक दलाल (Devank Dalal) प्रो कबड्डी लीग (Pro Kabaddi League – PKL) के एक ऐसे चमकते सितारे हैं, जिनकी कहानी कड़ी मेहनत, लगन और कभी न हार मानने वाले जज्बे की मिसाल है। हरियाणा के रोहतक जिले के एक छोटे से गांव में किसान परिवार में जन्मे देवंक दलाल आज PKL के इतिहास में सबसे महंगे खिलाड़ी (Most Expensive Player) बनने का गौरव हासिल कर चुके हैं।
उनका यह सफर बताता है कि कैसे एक युवा खिलाड़ी ने विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए न सिर्फ अपने परिवार का बल्कि देश का नाम रोशन किया। देवंक दलाल की सफलता की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो खेल जगत में अपना मुकाम बनाना चाहता है।

व्यक्तिगत जानकारी (Personal Details)
हम बारी-बारी अब यह समझते हैं कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी उनकी हाइट उनकी पर्सनल थोड़ी बातें जानते हैं।क्या वह एक आर्मी में सेवा भी करते हैं?
विवरण (Detail) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| पूरा नाम (Full Name) | Devank Dalal |
| जन्म तिथि (Date of Birth) | 1 अप्रैल 2000 |
| जन्म स्थान (Birthplace) | रोहतक, हरियाणा, भारत |
| ऊंचाई (Height) | 5 फीट 11 इंच (180 cm) |
| प्रोफेशन (Profession) | Professional Kabaddi Player (पेशेवर कबड्डी खिलाड़ी) |
| पोजीशन (Position) | Raider (रेडर) |
| वर्तमान टीम (Current Team – PKL 12) | Bengal Warriors (Captain) |
| आर्मी सेवा (Military Service) | Indian Army (Rajputana Rifles) |
शुरुआती जीवन और परिवार (Early Life & Family)
उनके परिवार के सपोर्ट से और उनकी बुद्धि का सदैव उपयोग करके वह कबड्डी के प्लेयर बने थे लिए जानते हैं किस तरीके से उन्होंने अपना डिसीजन लिया कि वह कबड्डी प्लेयर हीबनेंगे। कई बार आप एक खिलाड़ी नहीं बन सकती इसका सबसे बड़ा कारण भी यही होता है कि आपने अभी तक ते ही नहीं किया होता कि आप किस खेल में माहिर है और आप किस खेल में भाग लेना चाहते हैं जिससे कि आपका भविष्य अच्छा बनासके। यहां पर देवांग के फैमिली ने भी उसका सपोर्ट बहुत ही किया था तो हमें भी यह याद रखना होगा कि अगर आगे बढ़ाना है तो फैमिली का साथ चाहिए ही चाहिए। अगर आपके पास वह रास्ता नहीं है तब ही आप दूसरा रास्ता अपनाएं।
देवंक दलाल का जन्म 1 अप्रैल 2000 को हरियाणा के रोहतक जिले के एक गांव में हुआ। उनका परिवार खेती-बाड़ी से जुड़ा था, और उन्हें बचपन में कई आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। देवंक दलाल अपने परिवार में पहले व्यक्ति हैं, जिन्होंने पेशेवर खेल को चुना।
शुरुआत में, उनकी रुचि क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों में थी, लेकिन महान कबड्डी खिलाड़ी प्रदीप नरवाल (Pardeep Narwal) को टीवी पर देखकर उन्होंने कबड्डी को अपना करियर बनाने का फैसला किया। 10वीं कक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने 17 साल की उम्र में अपने गांव के स्थानीय अखाड़ों (akhadas) में प्रशिक्षण लेना शुरू किया।
एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने परिवार के बलिदानों को याद करते हुए कहा था, “My family has done a lot for me, and I want them to lead a good life going forward. They have seen a lot of hard times, and now it is my time to give back to them and help them lead a happy life”।
आर्मी करियर और अनुशासन (Army Career and Discipline)
एक ऐसा आर्मी मैन जो आज कबड्डी का सबसे अच्छा और सबसे महंगा खिलाड़ी भी बन चुका है।
देवंक दलाल के करियर में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने भारतीय सेना (Indian Army) में प्रवेश किया। वह राजपूताना राइफल्स (Rajputana Rifles) का हिस्सा हैं। सेना की सेवा ने उन्हें सिर्फ शारीरिक फिटनेस ही नहीं दी, बल्कि अनुशासन और मानसिक मजबूती भी प्रदान की, जो एक खिलाड़ी के लिए सबसे ज़रूरी है।
सेना में रहते हुए, उन्होंने सर्विसेज टीम (Services team) का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया। उनका कहना था, “When I joined the army, I realized that yes, I could play”। अपनी सैन्य उपलब्धियों के कारण उन्हें हाल ही में सेना में Triple Promotion भी मिला है।
प्रो कबड्डी लीग (PKL) का सफर
देवंक दलाल की PKL यात्रा PKL सीज़न 9 (2022) में जयपुर पिंक पैंथर्स (Jaipur Pink Panthers) के साथ शुरू हुई, जहां उन्हें न्यू यंग प्लेयर (NYP) श्रेणी के तहत खरीदा गया था। आई अब हम यह जानते हैं कि प्रो कबड्डी लीग में वह कैसे पहुंचे किस तरीके से उनके सफल रहा किस तरीके से वह पीकेएल में अपना करियर बनाने के लिए अच्छा-अच्छा प्रदर्शन कौन-कौन सी मैच में किया था कौन से सीजन में किया था यह जानतेहैं।
- PKL सीज़न 9 (2022): यह उनका डेब्यू सीज़न था। उन्होंने केवल 5 मैच खेले, लेकिन वह चैंपियनशिप जीतने वाली जयपुर पिंक पैंथर्स टीम का हिस्सा थे।
- PKL सीज़न 10 (2023): इस सीज़न में दुर्भाग्य से एक हेड इंजरी (head injury) के कारण वह केवल एक मैच ही खेल पाए और उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा।
- PKL सीज़न 11 (2024) – सफलता का शिखर: जयपुर से रिलीज़ होने के बाद, देवंक दलाल को पटना पाइरेट्स (Patna Pirates) ने ₹20 लाख में खरीदा। यह सीज़न उनके करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। उन्होंने लीग में शानदार प्रदर्शन करते हुए 301 रेड पॉइंट्स हासिल किए और सीज़न 11 के सर्वश्रेष्ठ रेडर (Best Raider) बने। उन्होंने 18 सुपर 10s (Super 10s) का रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने पटना पाइरेट्स को फाइनल तक पहुंचाया।
- PKL सीज़न 12 (2025) – रिकॉर्ड तोड़ बोली: देवंक दलाल PKL सीज़न 12 की नीलामी में सबसे अधिक मांग वाले खिलाड़ियों में से एक थे। बंगाल वॉरियर्स (Bengal Warriors) ने उन्हें ₹2.205 करोड़ की रिकॉर्ड-तोड़ बोली लगाकर खरीदा, जिससे वह PKL के इतिहास में सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी बन गए।
टॉप 3 Kabaddi Shoes Under 700 (₹700 से कम) – बेहतरीन ग्रिप और कम्फर्ट!
प्रमुख उपलब्धियां और रिकॉर्ड (Key Achievements and Records)
- PKL सीज़न 11 सर्वश्रेष्ठ रेडर (Best Raider): 301 रेड पॉइंट्स के साथ, वह एक ही सीज़न में 300 से अधिक रेड पॉइंट्स बनाने वाले केवल चौथे खिलाड़ी हैं।
- सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी: PKL सीज़न 12 की नीलामी में ₹2.205 करोड़ में बिके।
- राष्ट्रीय चैम्पियनशिप विजेता: 71वीं सीनियर नेशनल मेन्स कबड्डी चैम्पियनशिप में सर्विसेज टीम को जीत दिलाई और ‘सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी’ (Best Player) का पुरस्कार जीता।
- अन्य रिकॉर्ड: PKL में लगातार Super 10s बनाने का रिकॉर्ड तोड़ा।
भविष्य के लक्ष्य (Future Goals)
देवंक दलाल का एक बड़ा सपना है: “His aim is to represent India in kabaddi”। वह देश के लिए खेलना और मेडल जीतना चाहते हैं। सेना की सेवा और खेल के प्रति उनका समर्पण उन्हें भारत के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक बनाता है।
देवंक दलाल अब बंगाल वॉरियर्स (Bengal Warriors) के कप्तान हैं और PKL सीज़न 12 में अपनी टीम को दूसरा खिताब दिलाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। “His focus on continuous improvement and his hunger to win more titles make him one of the most promising players in Indian kabaddi.”






