कबड्डी एक तेज़ और रोमांचक खेल है, जिसमें रेड और डिफेंस दोनों की अहम भूमिका होती है। डिफेंस से जुड़ा सबसे रोमांचक नियम Super Tackle in Kabaddi माना जाता है।यहां इस आर्टिकल में मैं आपको आसान भाषा में समझाने की कोशिश करूंगा कि सुपर टैकल किसे कहा जाता है। यह कब माना जाता है, कितने पॉइंट मिलते हैं, और Pro Kabaddi League (PKL) में इसका कितना महत्व है।

कबड्डी में सुपर टैकल का नियम क्या है?
कबड्डी के चाहने वाले को मन में एक सवाल जरूर से गूंज रहा होगा सुपर टैकल किसे कहा जाता है ? सुपर टैकल कब माना जाता है?सुपर टैकल तभी शही माना जाता है जब की ,डिफेंडिंग टीम के पास ३ , २ , १ बस एतनेहि प्लेयर हो. और वह रेडर उनके लाइन को टच करने के लिए जब आये तो सफलतापूर्वक उस रेडर को आउट करदिया जाये , अब आपके मनमे यह शैवाल भी होगा की क्या ४ डिफेंडर प्लेयर हो तो मन जायेगा यह नहीं ? हम आपको बतादेकी PKL के नियमोंके हिसाब से यह सुपर टेकलन्हि मन जायेगए। नियम डिफेंडर्स की संख्या 4 या उससे अधिक होनेपर यह नार्मल टेकल ही मन जायेगा ।
अब आप को यह आशान भाषामे यह शम्ज आगया होगा की , किसे सुपर टेकल कहा जायेगा और किसे नहीं । अब आपको यह भी जानना चाहिए की सुपर टेकल अगर कोई टीम करती है तो वह डिफेंडर टीम को कितने पॉइंट मिलते है?
सुपर टैकल में कितने पॉइंट मिलते हैं?
अगर कोई भी टीम सुपर टैकल करती है तो उसे ( डिफेंडिंग टीम को) कुल 2 पॉइंट मिलते हैं. इन मेसे 1 पॉइंट – सामान्य टैकल के लिए दिया जाता है , और 1 बोनस पॉइंट – कम खिलाड़ियों में टैकल करने के लिए बोनस पॉइंट दिया जाता ही और यह कभी कभी सामने वाली टीम को बहोत ज्यादा भरी पड़जाता ही। यही अतिरिक्त पॉइंट की वजह से कईबार सामने वाली टीम जित जाती है। और इतने इम्पोटेंट होने के लिए यह सुपर टेकल खास है।
अब आप के मन में यह शामाज में आज्ञा है की कितने पॉइंट मिलते है। अब आपको यह जनन्ने की जिज्ञा श होगी की ,
टीमें सुपर टैकल की तैयारी क्यों करती हैं?
अगर आप एक प्रो लेवल के कब्बडी प्लेयर है तो यह आपके लिए जानना बेहत जरुरी है की , टीम ‘ स Pro Kabaddi League (PKL) में टीमें खास तौर पर 3-मैन डिफेंस की स्थिति के लिए रणनीति बनाती हैं।
इसमें शामिल होता है:
- सही समय पर पकड़ बनाना चेन डिफेंस
- मिडलाइन से रेडर को दूर रखना
- खिलाड़ियों के बीच तालमेल
सुपर टैकल पूरी तरह टीमवर्क और रणनीति पर आधारित होता है।
सुपर टेकल करनेके लिए कोशी रणनीति खाश है ?
ज्यादातर यही देखा गया ही की जो प्रो कब्ब्ब्दि प्लेयर है जो खेल में माहिर हिअ वह यही रणनीति अपनाते हुसे देखे गए है। रेडर को डिफेंस के अंदर गहराई तक आने दिया जाता है ताकि वह पकड़ में ाशके और भागना पाए। बाद में जब खिलाडी नजदीक आता है तो ३ – १ जितने भी खिलाडी है वह उसे पकड़ ते है १ होकर शबसे पहलेएक डिफेंडर ऊपर से पकड़ बनाता है. बाद में दूसरा डिफेंडर पैरों को लॉक करता है ताकि वह पेरो से ताकत न लगा शेक. और रेडर को मिडलाइन से दूर खींचा जाता है ताकि वह भाग न शेक। इस पूरी प्रक्रिया में टाइमिंग, तालमेल और नियंत्रण सबसे ज़्यादा जरूरी होता है। ऐसी लिए हर खिलाडी इस देव की बड़ी कड़ी मेहनत और प्रेक्टिश करता ही।






