Who is Shivang Kumar? SRH के इस 23 साल के चाइनामैन स्पिनर ने KKR के खिलाफ किया IPL डेब्यू

IPL में हर साल नए चेहरे आते हैं, लेकिन सच में ज्यादातर नाम जल्दी भूल जाते हैं क्योंकि कई खिलाड़ी बस 1-2 मैच खेलकर गायब हो जाते हैं। फिर कभी-कभी कोई ऐसा दिखता है जो थोड़ा अलग लगे, और वही feel शिवांग कुमार को  देखकर आया।कल जब हमने देखा की   Sunrisers Hyderabad और Kolkata Knight Riders का मैच Eden Gardens में चल रहा था, तभी उनका नाम  खेलने वाले प्लेइंग सी खिलाडी ओमें दिखा। इस नाम को उस समय ज्यादा लोग उन्हें नहीं  जानते थे , लेकिन जैसे ही उन्होंने गेंद पकड़ी , ध्यान अपने आप उन्हीं पर चला गया।

शिवांग कुमार
SRH के एक इंट्रा स्क्वॉड मैच के दौरान शिवांग

कौन हैं शिवांग कुमार?

शिवांग कुमार का जन्म 26 मई 2002 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुआ था। शुरुआत अप ने जिले से ही हुई, लेकिन जैसे -जैसे उनका  क्रिकेट में इंटरस  आगे बढ़ा, उन्होंने मध्य प्रदेश का रुख कर लिया, वह वह पर चले गए । ऐसा फैसला आसान नही होता ,अपने राज्य को छोड़ना बेहत रिस्की  होता है।  लेकिन कई बार यही कदम करियर को नई दिशा दे देता है।  और ऐसा ही हुआ इस गेंदबाज के साथ भी, उनका यह फेशला शाही शाबित हुआ उनके करियर के लिए।  

अभी  आप देखे तो वह  सिर्फ 23 साल के हैं । वो बाएं हाथ के कलाई स्पिनर हैं, जिसे चाइनामैन गेंदबाजी कहा जाता है। भारत में ये स्टाइल बहुत ही कम देखने को मिलता है। सीधे बोलें तो ये बेहत ही  कम लोगो में होता है। कुलदीप यादव के बाद ऐसे गेंदबाज गिने – चुने ही नजर आए है , इसलिए शिवांग थोड़ा अलग लगते हैं। और हर कोईउन्हे आगे भी एक अच्छे गेंदबाज होने की उम्मीद करतेहै।  

IPL 2026 की नीलामी में जब शिवांग कुमार  का नाम आया, तब ज्यादा किसी ने ध्यान नहीं दिया था । सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें सिर्फ 30 लाख में खरीद लिया। उस टाइम ये एक नार्मल सा पिक लग रहा था। लेकिन अब देखो यह फेशला उनका कितने काम का शाबित हुआ  , लगता है टीम ने कुछ ऐसा देख लिया था जो बाकी सबकी नजरसे छूट गया।

शिवांग कुमार: 14 साल में छोड़ दी थी क्रिकेट, धोनी की फिल्म ने बदली जिंदगी

हम आपको उनका वह सफल दिखाते हैं कि जब उन्होंने 14 साल में क्रिकेट खेलने ही बंद कर दिया था लेकिन जब उन्होंने वापस रुख  किया तब किस तरीके से उन्होंने यह डिसीजन लिया कि वह अब  क्रिकेट को अपना करियर ही बनाएंगे।

पहले इन्हें कोई नहीं जानता था ।  कि सिर्फ 14 साल की  उम्र में शिवांग कुमार ने क्रिकेट छोड़ दिया था। चयन नहीं हुआ, आत्मविश्वास भी गिर गया..… और उन्होंने कुछ महीनों के लिए खेल से दूरी बना ली । वहीं उनकी कहानी खत्म भी हो सकती थी। लेकिन यहीं से मोड़ आया। एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी देखने के बाद उन्हें फिर से हिम्मत मिली और उन्होंने दोबारा शुरुआत की।

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वहीसे  चीजें धीरे-धीरे बदलने लगीं। घरेलू क्रिकेट में ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन जितने मिले उनमें उन्होंने असर जरूर छोड़ा। यही लगातार  अच्छा करने की आदत उन्हें यहा तक लेकर आई। ये उस ब्रेक  के बाद की पूरी मेहनत का नतीजा है, जो बाहर से इतनी साफ नजर नही आती।

केकेआर के खिलाफ जिस भरोसे के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने शिवांग कुमार को मौका दिया , वो सिर्फ नेट्स में की गई मेहनत की वजह से नहीं था। असल में उनकी पूरी यात्रा ही थोड़ी अलग रही है। आमतौर पर खिलाड़ी सीधे घरेलू क्रिकेट से आईपीएल तक आते हैं और कहानी सीधी लगती है। लेकिन शिवांग का रास्ता थोड़ा उल्टा रहा है, और शायद यही चीज उन्हें खास बनाती है।

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गेंदबाजी में क्या खास है?

शिवांग बाएंहाथ के कलाई स्पिनर है , जिन्हें चाइनामैन कहा जाता है। इस तरह की गेंदबाजी में वेरिएशन  ज्यादा होता है, क्योंकि गेंद दोनों तरफ टर्न कर सकती है। बल्लेबाज को समझने मे टाइम लगता है। खासकर दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए ये एंगल थोड़ा अजीब हो जाता है।

अगर हम उनकी गेंदबाजी की और नजर डालें तो उनमें एक बात सबसे अलग है। वह जब गेंदबाजी करते तो उनकी गेंद एक ही गति से नहीं चलती है और उनकी हर गेंद अलग टप्पे पर गिरती हुई दिखती है। और अचानक वह कभी गेंद को हवा में भी उछाल देते हैं, तो कभी वह अचानक गेंद की रफ्तार ही बदल देते हैं, इस तरीके से मिक्स गेंदबाजी करने से सामने वाले बल्लेबाज उनके सामने बेहतर ढंग से खेल नहीं पता है, वह कंफ्यूज रहता है ।

उनकी प्रतिभा केवल गेंदबाजी तक आप सीमित नहीं देखते हैं।  वह निचले क्रम में आकर आक्रामक बल्लेबाजी करने के काबिल भीहै । और वह टीम के लिए ऐसी गेंदबाजी करते हुए टीम को बेहद ही फायदा पहुंचा रहे हैं। और इस अलग ढंग से गेंदबाजी करने की कारण वह दूसरे गेंदबाजों से अलग श्रेणी में खड़े होते दिखते हैं ।

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