आज हम इस स्टोरी को जानने के लिए बहुत ही बेताब है क्योंकि हमने अर्जुन देशवल के बारे में बहुत कुछ सुनाहै। आज हम देखेंगे कि कितना सच है और कितना झूठ है। कबड्डी एक ऐसा खेल है जो साहस, आत्मविश्वास, ताकत और दिमाग—चारों का मेल मांगता है। और उन चुनिंदा खिलाड़ियों में एक नाम तेज़ी से चमक कर सामने आया—
अर्जुन देशवाल, जिन्हें आज पूरा कबड्डी जगत ‘Raid Machine’ के नाम से जानता है।
और यह कोई बड़े जिले से या फिर बड़े ऐसे शहर से नहीं आए हैं।उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव से निकलकर PKL में रिकॉर्ड तोड़ना, एशियाई खेलों में गोल्ड जीतना, और फिर Uttar Pradesh Police में DSP बनना—यह सब एक प्रेरक कहानी है।क्या आप भी कुछ ऐसा ही सपना देख रहे हैं जहां पर आप एक प्लेयर के साथ-साथ एक सरकारी जॉब के साथ भी हो जैसे कि आपकी जो वैल्यू है वह और भी ज्यादा बढ़ जाए ।आज हम देखेंगे Arjun deshwal की biography . तो आईए जानते हैं स्टेप बाय स्टेप पूरी डिटेल में। आइए उनके सफर को गहराई से समझते हैं।

अर्जुन देशवाल: एक नजर में
अगर मैं आपको अर्जुन के बारे में एक ही बॉक्स में कुछ बड़ी-बड़ी जानकारियां समझा देना चाहूं तो वह कुछ इस तरीके से है जो मैंने नीचे दर्शी हुई है जिससे कि आपको एक अंदाजा आ जाए कि अर्जुन कितने उम्र के हैं कितने हाइट क्या हैं उनका जन्म कहां हुआ था और वह कब से कबड्डी में खेल रहे हैं और उनकी गवर्नमेंट पोस्ट क्या है।
| कैटेगरी | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | अर्जुन देशवाल |
| जन्म | 7 जुलाई 1999 |
| जन्मस्थान | बसेरा, मुजफ्फरनगर (UP) |
| उम्र (2025) | 26 वर्ष |
| उपनाम | Raid Machine |
| Government Post | DSP (Uttar Pradesh Police) |
| पद | Right Raider |
| PKL Team (2025) | Tamil Thalaivas |
शुरुआती जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
अर्जुन एक सामान्य किसान परिवार से आते हैं, जहाँ मेहनत और अनुशासन जीवन का हिस्सा था।उनके शुरुआती जीवन बहुत ही कठिन रहा था जैसे कि भारतीयों का एक मिडिल क्लास एक किसान अब कुछ इस तरीके से यह आप उनका अंदाजा लगा सकते हो कि वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ खेतों का भी काम किया करते थे। शुरुआत में उनका जीवन भी बहुत कठोर परिस्थितियों में से ही गुजारा है जिससे कि वह आज इतना मजबूती से खड़े हुए हैं। कहते हैं ना की किस्मत ने जो पाठ पढ़ाया वह स्कूलों में भी नहीं पटाया क्योंकि जीवन का जो असली पाठ है वह लाइफ जीते समय ही हमें बिताना पड़ता है ।और हमें यहां पर ही एग्जाम देकर खुद ही पास होना पड़ता है और यहां पर अर्जुन ने खुद को पास करवा दिया।
बचपन
- जैसा कि मैं आपको कहा कि उनका बचपन कुछ हमारी तरह ही गुजरा था वह पढ़ाई के साथ-साथ खेतों में भी काम किया करते थे और वह पढ़ाई में एक मीडियम वर्ग स्टूडेंट थे, ना बहुत ही ज्यादा होशियार और ना कम होशियार । लेकिन उनकी खास बात यह है कि वह पहले क्रिकेट में ही रुचि रखते थे उन्हें कबड्डी में इतना ज्यादा इंटरेस्ट नहीं था तो आईए जानते हैं कि उन्हें कबड्डी में कब से इतना ज्यादा इंटरेस्ट बैठने लगा कि वह आज एक मशहूर कबड्डी प्लेयर बन चुके हैं।
- बचपन में वे पढ़ाई के साथ-साथ खेतों में भी हाथ बँटाते थे।
- उनकी रुचि शुरुआत में Cricket में थी।
Cricket से Kabaddi की ओर मोड़
एक झलक हम यह डालें की क्रिकेट से कबड्डी में किस तरीके से उनका मन डाइवर्ट हुआ तो जब 14 साल की उम्र में अर्जुन बाहर अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए कहा गया था , जहां पर एक टूर्नामेंट की मैच भी थी। और यहां पर उनका ही एक दोस्त खेल रहा था। जहां पर उनके दोस्त ने मेडल भी जीता था । यह दृश्य उनके मन में बैठ गया था ।वह इससे बहुत ज्यादा प्रभावित हुए थे । वह अब इससे भी अपना ही कैरियर बनाना चाहते थे क्योंकि यह उनके दिमाग में बैठ गया था।14 साल की उम्र में उन्होंने गाँव में कबड्डी टूर्नामेंट देखा, जहाँ उनके दोस्तों ने मेडल जीता।
यह दृश्य उनके मन में आग की तरह उतरा—”अगर ये कर सकते हैं… तो मैं क्यों नहीं?”
यही से शुरुआत हुई कबड्डी प्रेम की।
सख्त ट्रेनिंग और एक बार छोड़ने की कोशिश
जैसा कि आपको भी पता है की कबड्डी की ट्रेनिंग बहुत ही हार्ड होती है अगर आप मानसिकता से यहां पर थक जाते हैं तो आप कबड्डी में कुछ भी नहीं कर सकते हैं एक बार ऐसा ही हुआ था अर्जुन के साथ अर्जुन जब यह ट्रेनिंग कर रहा था तो कुछ समय के बाद उसे यह इतना कठिन लगा कि वह इसे छोड़ने का निर्णय ले चुके थे तब उन्होंने एक बार फिर से सोच। क्योंकि उन्हें उनके ही परिवार और उनके गुरु ने कुछ समझाया जिससे कि वह अपने आप को मजबूत बना सके और आज आप इस बात का गवाह है कि अगर वह कबड्डी का जो ट्रेनिंग समय था उसे छोड़ दे दे तो वह आज इस पद पर कभी नहीं पहुंचते जहां पर वह आज खड़े हैं।
कभी-कभी मेहनत इतनी कठिन लगी कि उन्होंने खेल छोड़ने का निर्णय भी लिया।
लेकिन—
परिवार और गुरु का समर्थन
एक झलक हम यहां पर डालें कि उनके परिवार और गुरु ने किस तरीके से उन्हें समझाने की कोशिश की यहां पर उनके पिता चरण सिंह देशवाल और उनकी माता सीमा देशवाल और उनके कोच इन तीनों ने उसे बहुत समझाने की कोशिश की जैसे कि उन्होंने अर्जुन से कहा कि अगर तुम्हें महान बना है तो इसका रास्ता कभी भी आसान नहीं होगा यह भावनात्मक सपोर्ट था और अर्जुन यहां पर अपने माता-पिता से पर गुरु से हार जाता है और अपने आप को खड़ा करने के लिए प्रेरित होता है।
- पिता चरण सिंह देशवाल
- माता सीमा देशवाल
- कोच
इन सबने उन्हें समझाया कि महान बनने का रास्ता आसान नहीं होता।
यह भावनात्मक सपोर्ट अर्जुन की असली ताकत बना।

भारतीय सेना में प्रवेश (Turning Point)
कई लोगों का सवाल है कि क्या कबड्डी प्लेयर अर्जुन भारतीय सेवा में भी प्रवेश कर चुके हैं या फिर कर चुके थे तो यहां पर मैं आपको बता दूं कि 18 साल के होते ही अर्जुन ने वोट कोठा से इंडिया आर्मी में प्रवेश लिया सेवा की ट्रेनिंग ले उनकी फिटनेस स्टैमिना मानसिकता मजबूती अनुशासन सब कुछ बदल गया यहां पर उन्हें आर्मी की जो ट्रेनिंग होती है उसी की वजह से वह पीसीएल के लिए तैयार कर लिया था और यह उनके लिए लाइफ में बहुत कामयाब मूवमेंट साबित होता है।
Pro Kabaddi League (PKL) Journey
लिए हम पीकेएल में अर्जुन की भूमिका को समझते हैं वह कौन से स्टेशन में किस तरीके का परफॉर्म करता है और कैसे वह अपनी टीम को हर और जीत की ओर खींचता हुआ दिखाएं देता है।
अर्जुन का PKL सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा लेकिन उनकी मेहनत ने उन्हें इतिहास में दर्ज कर दिया।
Season 6 (2018) – Struggling Beginning
टीम: U Mumba ,सिर्फ 3 मैच मिले, 4 Raid Points लेकिन उन्होंने डरकर पीछे नहीं हटे। Season 7 (2019) – Talent is Visible Now. 19 Matches, 104 Raid Points यह सीजन उनके लिए ब्रेक लगाने जैसा था, जहाँ उनकी प्रतिभा पहली बार चमककर सामने आई। Season 8 (2021) – Breakthrough Season. टीम: Jaipur Pink Panthers Price: 96 Lakhs,267 Raid Points,16 Super 10s,यहीं से दुनिया को पता चला—A New Star Is Born.Season 9 (2022) – MVP & Champion Season24 Matches.296 Raid Points (Season Highest) Team Champion.Earned MVP Award.यह PKL इतिहास में उनका सबसे शानदार सीजन माना जाता है। Season 10 (2023) – Consistent Performer. 276 Raid Points Crossed 700 Career Points Season 11 (2024) – New Record अर्जुन PKL इतिहास में.Fastest (2nd Fastest) Player to reach 1000 Raid Points (97 Matches) बन गए।Season 12 (2025) – Record Bid.Team Tamil Thalaivas Price- ₹1.405 Crore पवन सहरावत + अर्जुन देशवाल = PKL की सबसे खतरनाक रेडिंग जोड़ी।
टॉप Kabaddi Shoes Under 1000: कम बजट में बेहतरीन ग्रिप और परफॉरमेंस

PKL Performance Stats
| स्टैट | वैल्यू |
|---|---|
| Matches | 114 |
| Raid Points | 1174 |
| Super 10s | 63 |
| Avg Raid Points/Match | 10.29 |
अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियाँ (International Career)
Asian Games 2022 – Gold Medal
अंतरराष्ट्रीय खेलों में यहां पर अर्जुन का परफॉर्मेंस 2022 में बहुत ही अच्छा रहा था यहां पर उसने ईरान को हराकर भारत को स्वर्ण दिलाया था जिससे कि भारत में उनकी आन बान शान तीनों ही बड़ी थी उनका प्रदर्शन बहुत ही खूबसूरत रहा था उनका प्रदर्शन फाइनल में निर्णायक रहा था और यह निर्णायक यादगार बन गया था। भारत में जो कबड्डी प्रेमी है उसने इस मोमेंट को देखकर अर्जुन की सराहना की थी।
Asian Kabaddi Championship 2023 – Gold
Asia Kabaddi championship 2023 में अर्जुन की कैसी भूमिका रही थी यह भी कई लोगों का सवाल होता है तो हम आपको बता दें कि अर्जुन की रीडिंग की क्षमता ने टीम को काफी मजबूत किया था यहां पर भी उनका परफॉर्म काफी अच्छा था।और यहां से वह अपनी गलतियों से सीखने के बाद और भी मजबूत बनते हैं यह थी उनके कुछ खासियत जिससे कि वह आज एक अच्छे प्लेयर है।
सरकारी सम्मान: DSP बनने तक का सफर
कहीं लोग यह नहीं समझ पाए कि यह कबड्डी प्लेयर किस तरीके से डीएसपी हो सकता है आर्मी हो सकता है किस तरीके से उसे सरकारी जॉब मिल जाती है तो हम आपको बता दे कि यह एक सरकारी प्रक्रिया होती है और यह एक स्पोर्ट्स के प्लेयर के लिए एक सम्मान देने के लिए उन्हें कुछ पद दिए जाते हैं। जैसे कि यहां पर अर्जुन को डीएसपी का पद दिया गया था जैसे कि उन्हें 3 करोड़ का प्राइस भी मिला था। कहीं लोगों का सवाल यह होता है कि क्यों खिलाड़ियों को इस तरीके से आर्मी और पुलिस में रखा जाए और क्यों इन्हें इतना बड़ा अमाउंट गिफ्ट के तौर पर दिया जाता है तो यह लोगों का उत्साह बढ़ाती है और लोगों को प्रेरित करतीहै। और यह जो प्लेयर है उनके सम्मान में भी किया जाता है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2024 में—
- DSP पद से सम्मानित किया
- ₹3 Crore का Prize दिया
यह सम्मान किसी खिलाड़ी को दिए जाने वाले बड़े सम्मानों में से एक है।
DSP के रूप में उनकी नियुक्ति युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है कि—
“मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।”
Personal Life & Lifestyle
Family
उनके पिता एक किसान है जो की खेती में खाद्य पदार्थ और खेती से लगता काम करतेहैं। और उनके माता गृहिणी है ,क्योंकि घर काम ही करती है । और उनके भाई स्पोर्ट्स में रुचि रखते हैं। यह था कुछ उनके परिवार के बारे में ।
Diet
अर्जुन देशवाल हाई प्रोटीन डाइट लेते हैं जैसे कि दूध की मेरे से बनी चीज वस्तु देरी और नोट से प्रोटीन और ऊर्जा प्राप्त करने के कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ उसे करते हैं जो नेचरलीहो। और वह नॉनवेज में चिकन और अंडे दोनों लेते हैं। और वह अपने शरीर की ताकत और स्मृति को बढ़ाने के लिए वेजीटेरियन में हरी सब्जियां खाते हैं। तो दोस्तों यह थी कुछ उनकी डाइट जो कि वह रेगुलर फॉलो करते हैं।

Training Routine
अगर हम बात करेंगे उनकी ट्रेनिंग के बारे में तो वह हर सुबह कार्डियो एक्सरसाइज करते हैं जिससे कि हृदय और फेफड़ों के मजबूत होने का जो रेशों है वह बढ़ जाता है इससे आपकी हृदय और फेफड़े मजबूत रहते हैं। और वह फुर्ती और तेजी लाने के लिए वह agility drills ड्रिल करते हैं। और शरीर के ऊपर के हिस्सों को भी ताकत बढ़ाने के लिए वह अप्पर बॉडी स्ट्रैंथ एक्सरसाइज करते हैं। और जब मैच जैसे माहौल होते हैं वह तब वह main simulation practice करते हैं जिसे कि वह अपना परफॉर्म अच्छा देसके। और वह अपनी सहनशक्ति को बढ़ाने के लिए रोज शाम को दौड़ते हैं और रिकवरी भी करते हैं। तो यह थी उनकी कुछ ट्रेनिंग की खास बातें।
Why Is He Called “Raid Machine”?
क्यों उन्हें राइट मशीन बोला जाता है। क्योंकि वह footwork उनके पर बिजली की गति से भी फास्ट दौड़ते हैं। angle play व्हाट डिफेंडर की पोजीशन देखकर तुरंत अपनी दिशा बदल लेते हैं यह उनकी खास कल है। dubki master और उनका एक बहुत अच्छा मुंह है जिसे वह नीचे झुक कर बचकर निकल जाते हैं जिससे डुबकी मास्टर भी कहते हैं।pressure handling यह भी उनकी एक खास बात है do-or-die हो या क्रश टाइम अर्जुन सबसे ज्यादा भरोसमंद रडार साबित होता है क्योंकि वह प्रेशर को अच्छी तरीके से हैंडलिंग कर सकता है।
Future Scope & Impact
- अरुण देशवाल भारत के सर्वश्रेष्ठ रेडरों में से एक बन चुके हैं।
- आने वाले 5–7 सालों में वे PKL इतिहास में सबसे ज़्यादा Raid Points वाले खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं।
- वे युवा रेडरों के लिए प्रेरणा और रोल मॉडल हैं।
FAQ'S
अर्जुन का उपनाम क्या है?
Raid Machine.
अर्जुन देशवाल किस टीम से PKL 2025 में खेल रहे हैं?
Tamil Thalaivas.
अर्जुन कबड्डी में कब आए?
14 साल की उम्र में।
क्या वे Indian Army में भी रहे हैं?
हाँ, उन्होंने Sports Quota से Army जॉइन की थी।
अर्जुन देशवाल को कौन-सा सरकारी सम्मान मिला?
DSP पद और ₹3 Crore Prize।
