Nitin Kumar Dhankhar Biography in Hindi: झज्जर के इस रेडर ने PKL में मचाया धमाल

Pro Kabaddi League में अगर किसी युवा खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, तो वह नाम है नितिन कुमार धनखड़ का। हरियाणा के झज्जर जिले के छोटे से गांव कलोई से निकलकर उन्होंने कबड्डी की दुनिया में ऐसा नाम कमाया कि आज बड़े-बड़े डिफेंडर भी उनकी रेड से डरते हैं।

Nitin Kumar Dhankhar Biography in Hindi

Nitin Kumar Dhankhar: झज्जर का वो लड़का जिसने मुश्किल हालात में लिखी कामयाबी की कहानी

आज हमें कैसे लड़के के बायोग्राफी को जानने वाले हैं जो बिजली की रफ्तार से रेड डालता है । जब यह पहली बार मैदान पर उतरा था तो हर कोई पूछ रहा था कि यह कौन है । हरियाणा के झज्जर जिले के कलोई गांव से निकले इस रेडर ने साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो गरीबी और दुख आपको रोक नहीं सकते। आप जो चाहे वो हाशिल कर शक्ति है।  

नितिन कुमार धनखड़ ( Nitin Kumar Dhankhar ) आज भारतीय कबड्डी  के, सबसे उभरते हुए रेडर्स में गिने जाते हैं। उनकी तेज़ी, शानदार फुटवर्क और रनिंग हैंड टच ने उन्हे कबड्डी फैंस के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया है।  PKL  सीजन 12 की नीलामी में जब  उ नका नाम पुकारा गया और 1.002 करोड़ की बोली लगी तब , तो पूरा हॉल सन्न रह गया था । यह उनकी महेनत का फल था।  जिसे की हर कोई उन्हें लेना चाहता था।  

  उनका जन्म  21 मई 2001  को हरियाणा के झज्जर जिले के कलोई गांव में हुआ था । वह एक साधारण परिवार से आते हैं, लेकिन कबड्डी के प्रति उनका जुनून उन्हें दूसरों से अलग बनाता है। उनकी ऊंचाई 175  सेंटीमीटर (5 फीट 9 इंच) है और  वजन 75 किलोग्राम है। मैदान पर नितिन राइट  रेडर की पोजीशन पर खेलते हैं और उनकी सबसे बड़ी खासियत है उनका  रनिंग हैंड टच। उनके पिता का नाम, जसबीर सिंह धनखड़ था।  झज्जर के छोटे से गांव  कलोई में पिता के निधन के बाद ,चाचा ने जिस लड़के को संभाला, वह आज कबड्डी की दुनिया का सबसे चर्चित नाम है।

उनको कब्बड़ीओ में इतना इंटरस था की वह   10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़कर कबड्डी को अपना करियर बनाया, और उसमे ही अपने आप को  कब्बडी के हवाले करते हुए , महेनत  शमय देने लगे । उसी के बल पर आज वह प्रो कबड्डी लीग में जयपुर पिंक पैंथर्स के लिए खेलते हैं , और उनके नाम युवा कबड्डी सीरीज में 500 रेड पॉइंट बनाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।जो की बहोटी बाद अनमबर होता है ,  यात्रा करना, तैरना, दौड़ना और किताबें पढ़ना यह कुछ शोख भी रखते है।

पिता के निधन के बाद चाचा बने सहारा: नितिन धनखड़ के संघर्ष की कहानी

उनका बचपन आम बच्चों की तरह नहीं था, उन्होने बहोत ही शंघर्ष।  जिला है।  बहुत छोटी उम्र में ही उनके पिता का  जसबीर सिंह धनखड़ का देहांत हो गया था । जोकि बहोत दुःख  की बात है , कई  लोगऐसे हालत में टूट कर बिखर जाते है लेकिन , नितिन के छः चाच ने उनका साथ दिया , परिवार का साथ मिलनेसे  वह फिर से खड़े हज।  

नितिन अक्सर भावुक होकर बताते हैं कि अगर हमरे  चाचा तेजपाल सिंह का  सपोर्ट न होता, तो शायद वो आज इस कब्बडी के मुकाम पर न होते। उनके जीवन में सबसे बड़ा सहारा उनके चाचा तेजपाल सिंह बने। चाचा ने ही उन्हें कबड्डी किट दिलवाई और हर मोड़ पर उनका हौसला बढ़ाया। नितिन ने भी जी-जान लगा दी और मिट्टी से शुरू हुआ उनका सफर आज प्रो कबड्डी के शानदार मैट तक पहुँच चुका है। पिता के गुजर ने के बाद , वह पढाई में छे नहीं थे इस लिए १० के बाद  ही ,  हरियाणा में  कोच नरेश नरवाल के अंडर में ट्रेनिंग शुरू की। और यही से ुनलका कब्बडी का करियर सुरु हुआ।  

Naresh Narwal's journey from academy to PKL: How he emerged as a true gem

साल 2017 में नितिन ने नरवाल कबड्डी स्पोर्ट्स अकादमी में दाखिला लिया, जहां उन्हें मशहूर कोच नरेश नरवाल से प्रशिक्षण मिला। साल 2017 में नितिन ने नरवाल कबड्डी  स्पोर्ट्स , अकादमी में दाखिला लिया, जहां उन्हें  मशहूर  कोच नरेश नरवाल से प्रशिक्षण मिला।  जिन्होंने परदीप नरवाल जैसे दिग्गज को तराशा है। कोच ने पहले ही कह दिया था ,  लड़का नाम।  करेगा  क्यों की नितिन की महेनत ,  स्फूर्ति , यह शब् देख के कोच भी खुश थे।   

अकादमी में घंटों पसीना बहाने के बाद नितिन ने स्थानीय और राज्य स्तर के टूर्नामेंट्स में तहलका मचाना शुरू कर दिया। अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान नितिन ने अपनी रेडिंग स्किल्स पर खूब मेहनत की। उनकी स्पीड और चपलता को देखकर कोच भी काफी प्रभावित हुए और उन्होंने नितिन को लगातार बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया।

वह बताते हैं कि मिट्टी के अखाड़े में खेलने से उनकी ग्रिप और फुटवर्क मजबूत हुआ। नितिन ने हरियाणा के पारंपरिक मिट्टी के अखाड़ों में कबड्डी सीखी। उनके कोच नरेश नरवाल ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

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Yuva Kabaddi Series (YKS) के वो ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स

साल 2022 में नितिन ने Yuva Kabaddi Series (YKS) में हिस्सा लिया और यहीं से उन्हें असली पहचान मिली। उन्होंने हम्पी हीरोज टीम के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया उन्होंने हम्पी हीरोज का प्रतिनिधित्व  करते हुए टीम के लिए 263 रेड पॉइंट बनाकर सबसे सफल रेडर साबित हुए । । Yuva Kabaddi Series 500 points record बनाने वाले वे पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने 535 रेड पॉइंट्स हासिल किए और उनका स्ट्राइक रेट 73.90% रहा, जो अपने आप में एक मिसाल है। और यही से उनको लोग नोटिश करने लगे थे।  

युवा कबड्डी सीरीज में उनके शानदार प्रदर्शन ने प्रो कबड्डी टीमों का ध्यान उनकी ओर खींचा और यहीं से उनका PKL का सपना भी पूरा हुआ। YKS के दौरान उन्होंने दिखा या कि वे न केवल तेज हैं, बल्कि प्रेशर,  हैंडल करने में भी माहिर हैं। YKS के बाद PKL ट्रायल। सीजन 10 में बंगाल वॉरियर्स ने 32.20 लाख में खरीदा। और यही से उनका  सपना सच हुआ, नितिन ने कहा- “ये मौका जिंदगी बदल देगा।” और ऐसा ही हुआ।  

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Pro Kabaddi League (PKL) Career: 32 लाख से 1 करोड़ तक का सफर

प्रो कबड्डी लीग में नितिन धनखड़ को पहला मौका बंगाल वॉरियर्स की टीम ने दिया। PKL में डेब्यू करते ही उन्होंने अपनी रेडिंग से सभी को प्रभावित कर दिया। सीजन 10 में उन्हें 32.20 लाख रुपये में खरीदा गया था। PKL  में उन्होंने सीजन 10 में डेब्यू किया , 20 मैचों में 169 रेड पॉइंट्स बनाकर शब्को हैरान कर दिया ।उन्होंने  8 सुपर 10 और 9 सुपर रेड्स किये ! मनिंदर सिंह के बाद टीम के टॉप स्कोरर बनाने वाले खिलाडी बन गए । और यही शब् देखते हुए , सीजन 11 और 12 में भी बंगाल के साथ रहने के बाद उनकी किस्मत  तब बदली जब सीजन 12 की नीलामी हुई।  PKL 12 price सुनकर हर कोई दंग रह गया। क्यों की  जयपुर पिंक पैंथर्स ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें 1.002 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में अपनी टीम में शामिल किया। और वह अभी भी पिंक पेंथर के लिए ही खेलते है।  

सीजन 11 में भी नितिन ,ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने 14 मैचों  में 118 रेड पॉइंट बनाए, जिसमें 6 सुपर 10s और 4 सुपर रेड शामिल रहे । वह लगातार दूसरे सीज़न में बंगाल  वॉरियर्स के सबसे भरोसेमंद रेडर साबित  हुए। दो सीज़न में उनका कुल प्रदर्शन 34 मैचों में 287 रेड पॉइंट रहा। सीजन 12 में जयपुर पिंक  पैंथर्स के लिए खेलते हुए नितिन ने एक,  बार फिर अपनी काबिलियत साबित की। सितंबर 2025 में गुजरात जायंट्स के खिलाफ मैच में  उन्होंने शानदार सुपर 10 लगाया और 15 रेड पॉइंट बनाकर टीम को जीत दिलाई । अक्टूबर 2025 में बंगाल वॉरियर्स के  खिलाफ मैच में भी उन्होंने 15 रेड पॉइंट बनाकर अपनी पुरानी टीम  को हराया ।

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