क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर इतिहास रच दिया गया है। लगभग 92 साल और 152 मैचों के लंबे इंतजार के बाद, आखिरकार लॉर्ड्सकी हरी घास पर पहला महिला टेस्ट मैच खेला गया। इस ऐतिहासिक मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार खेल दिखाया और मेजबान इंग्लैंड महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को उनके घरेलू मैदान पर 270 रनों से हराया भारतीय टीम ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रनों का लक्ष्य रखा था। जवाब में इंग्लैंड महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम दूसरी पारी में 186 रनों पर आउट हो गई। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक थी, क्योंकि भारतीय खिलाड़ियोंने लॉर्ड्स के सम्मान बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया था। साथ ही, इंग्लैंड की दिग्गज खिलाड़ी टैमी ब्यूमोंट और हीदर नाइट का आखिरी मैच इस हार के साथ फीका पड़ गया।

पहली पारी में स्मृति मंधाना और क्रांति गौड़ का चमत्कारी प्रदर्शन
टॉस जीतने के बाद भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी की। उन्होंने पहली पारी में 285 रन बनाए। स्मृति मंधाना ने 83 रन बनाए। हरमनप्रीत कौर ने 58 रन और दीप्ति शर्मा ने 57 रन बनाए। इससे टीम को मजबूत आधार मिला।
इसके बाद इंग्लैंड की टीम बल्लेबाजी करने उतरी। भारतीय गेंदबाजोने उन पर दबाव बनाया। क्रांति गौड़ ने 5 विकेट लिए। उनकी गेंदबाजी की वजह से इंग्लैंड की पहली पारी 170 रन पर समाप्त हो गई। भारत ने पहली पारी के आधार पर 115 रन की बढ़त हासिल की।
यास्तिका भाटिया का ऐतिहासिक शतक और रनों का विशाल पहाड़
पहली पारी में बढ़त हासिल करने के बाद, भारतीय बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में इंग्लैंड के गेंदबाजों को कड़ी टक्कर दी। चोट और सर्जरी के बाद वापसी करने वाली विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने शानदार 113 रन बनाकर सबका ध्यान आकर्षित किया। वह लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
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स्मृति मंधाना ने 70 रन और ऋचा घोष ने नाबाद 50 रन बनाकर टीमको मजबूत स्थिति में पहुंचाया।भारत ने अपनी दूसरी पारी 341/7 पर घोषित कर दी और इंग्लैंड महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के सामने 457 रनो का मुश्किल लक्ष्य रखा।
यह महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा दिया गया दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य था। इससे पहले, भारत ने 2023 में डीवाई पाटिल स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ 479 रनों का लक्ष्य रखा था।
भारतीय गेंदबाजों की धार के आगे बेबस हुई इंग्लैंड महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम
457 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बहुत खराब रही। भारतीय स्पिन गेंदबाज स्नेह राणा ने अपने फिरकी गेंदबाजी से इंग्लैंड के 4 बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। वहीं, पहली पारी में अच्छा प्रदर्शन करने वाली क्रांति गौड़, सयाली सतघरे और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लेकर इंग्लैंड की स्थिति खराब कर दी।
इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम की ओर से विकेटकीपर एमी जोन्सने दोनों पारियों में अर्धशतक लगाकर अपनी टीमके लिए संघर्ष किया। वह महिला टेस्ट क्रिकेट में दोनों पारियों में नंबर 6 पर बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाने वाली पहली विकेटकीपर बन गईं। सोफी एकलस्टन ने भी दूसरी पारी में अर्धशतक लगाया, लेकिन उनकी टीम को हार से नहीं बचा सकीं। पूरी इंग्लिश टीम 186 रनों पर आउट हो गई और भारत ने 270 रनों से मैच जीत लिया।
लॉर्ड्स महिला टेस्ट से जुड़े कुछ बेहद खास और ऐतिहासिक आंकड़े
इस मुकाबले ने महिला टेस्ट क्रिकेट में कई नए रिकॉर्ड बना दिए हैं, जो इस प्रकार हैं: हरमनप्रीत कौर अब भारत की सबसे सफल महिला टेस्ट कप्तान बन गई हैं। उन्होंने पांच टेस्ट मैचों में चार जीत हासिल की है, जिससे वे मिताली राज से आगे निकल गई है। भारतीय टीम ने इंग्लैंड में एक अजेय रिकॉर्ड बना लिया है। उन्होंने इंग्लैंड की धरती पर कुल दस मैच खेले हैं,जिनमें तीन जीत और सात ड्रॉ शामिल हैं। उन्हें अभी तक कोई हार नहीं मिली है।
स्मृति मंधाना ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके टेस्ट क्रिकेट में अब 788 रन हो गए हैं, जिससे वे संध्या अग्रवाल के बाद भारत की दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। इसके साथ ही, वे 300 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने वाली सबसे युवा खिलाड़ी भीबन गई हैं। सोफी एकलस्टन ने एक अनचाहा रिकॉर्ड बना लिया है। वे महिला टेस्ट इतिहास में पांचवीं खिलाड़ी बन गई हैं जिन्होंने करियर में चार बार पांच विकेट लिए हैं। हालांकि, वे तीसरी ऐसी खिलाड़ी भी बन गई हैं जिनके अर्धशतक और पांच विकेट लेने के बावजूद उनकी टीम मैच हार गई।





