वैभव सूर्यवंशी क्रिकेटर: 15 साल की उम्र में तोड़ा सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट टीम में हमेशा ही बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं, लेकिन जब कोई 15 साल का खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मैदान पर जाकर दुनिया के बड़े खिलाड़ियों को पीछे छोड़ जाए, तो यह बात बेहद खास हो जाती है। वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हुए पहले टी20 मैच में ऐसा ही कुछ कर दिखाया। तीन पारियों में असफल रहने के बाद इस युवा बल्लेबाज ने हरारे मैदान पर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को खूब धोखा दिया और महज 18 गेंदों में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा कर लिया। इस रफ्तार से खेलकर उन्होंने भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के दशकों पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया और अपना नाम इतिहास में दर्ज करा लिया।

वैभव सूर्यवंशी क्रिकेटर और सचिन तेंदुलकर की फोटो, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक की तुलना
37 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त! सचिन तेंदुलकर (16 साल 213 दिन) का रिकॉर्ड तोड़ अब वैभव सूर्यवंशी (15 साल 118 दिन) बने सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज।

15 साल की उम्र में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, पीछे छूटे सचिन तेंदुलकर और कुशल मल्ला

एक नया वैभव सूर्यवंशी रिकॉर्ड बन गया है। अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले कीर्तिमान वैभव सूर्यवंशी के नाम हो गया है। उन्होंने सिर्फ 15 साल 118 दिन की उम्र में ये काम किया। पहले ये रिकॉर्ड नेपाल के कुशल मल्ला के पास था। उन्होंने 15 साल 340 दिन की उम्र में अपना पहला अर्धशतक लगाया था।

अगर आईसीसी के पूर्ण सदस्य देशों की बात करें तो वैभव ने सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया है। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में 16 साल 213 दिन की उम्र में अपना पहला अर्धशतक जमाया था। वहीं, शाहिद अफरीदी 16 साल 214 दिन की उम्र में फिफ्टी लगाकर दूसरे नंबर पर रहे। वैभव ने इन सभी बड़े खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए एक नया रिकॉर्ड बनाया है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज:

  • वैभव सूर्यवंशी (भारत): 15 साल 118 दिन
  • कुशल मल्ला (नेपाल): 15 साल 340 दिन
  • लुईस ब्रूस (जिब्राल्टर): 16 साल 56 दिन
  • सचिन तेंदुलकर (भारत): 16 साल 213 दिन
  • शाहिद अफरीदी (पाकिस्तान): 16 साल 214 दिन

18 गेंदों में ठोका तूफानी अर्धशतक, T20I में रचा नया इतिहास

जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी क्रिकेटर एक अलग ही अंदाज में नजर आए। इंग्लैंड के खिलाफ पिछली सीरीज में उनका बल्ला खामोश रहा था, लेकिन इस मैच में उन्होंने पहली ही गेंद से आक्रामक रुख अपनाया। वैभव ने मैदान के चारों तरफ चौके और छक्कों की बरसात करते हुए सिर्फ 18 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। 50 रन बनाने के तुरंत बाद वे अगली ही गेंद पर आउट जरूर हो गए, लेकिन तब तक वे भारत को एक मजबूत शुरुआत दिला चुके थे।

T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो वैभव से पहले फुल मेंबर देशों में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड अफगानिस्तान के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज के नाम था। गुरबाज ने 2019 में जिम्बाब्वे के खिलाफ ही 17 साल 296 दिन की उम्र में अर्धशतक जड़ा था। वैभव ने अब T20I इतिहास में भी सबसे कम उम्र में अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उनकी इस पारी ने यह साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर दबाव झेलने और तूफानी बल्लेबाजी करने का हुनर मौजूद है।

जिम्बाब्वे को हराकर भारत ने सीरीज में ली बढ़त, श्रेयस की कप्तानी में पहली जीत

मैच की बात करें तो भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय गेंदबाजों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और जिम्बाब्वे की पूरी टीम जल्दी ही आउट हो गई, महज 125 रन बना पाई।

अब भारतीय टीम को 126 रनों का छोटा लक्ष्य हासिल करना था। वैभव सूर्यवंशी ने बहुत तेजी से रन बनाए और टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। जब वैभव आउट हो गए, तो ईशान किशन ने संभलकर बल्लेबाजी की और 35 रन बनाए। इससे टीम को और नुकसान नहीं हुआ। भारत ने महज 14वें ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और मैच जीत लिया। यह जीत श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय ट्वेंटी-ट्वेंटी टीम की पहली बड़ी जीत थी। वैभव सूर्यवंशी की इस शानदार पारी ने न सिर्फ भारत को जीत दिलाई, बल्कि यह भी दिखाया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।

Leave a Comment