भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक बड़ी और गर्व की खबर सामने आई है। देश के दिग्गज मुक्केबाज़ और ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह को Asian Boxing Council का सदस्य नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति उनके खेल से प्रशासन तक के सफर में एक और अहम उपलब्धि मानी जा रही है।
विजेंदर सिंह भारत के पहले ऐसे बॉक्सर हैं जिन्होंने ओलंपिक खेलों में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। बीजिंग ओलंपिक 2008 में कांस्य पदक जीतने के बाद उन्होंने बॉक्सिंग को भारत में एक नई पहचान दिलाई।

एथलीट से एडमिनिस्ट्रेटर तक का सफर
लगभग दो दशकों के लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ, विजेंदर ने न सिर्फ एमेच्योर बॉक्सिंग बल्कि प्रोफेशनल बॉक्सिंग में भी खुद को साबित किया है। उनकी यह नई भूमिका एशियाई बॉक्सिंग के विकास, नीतियों और खिलाड़ियों के हित में अहम मानी जा रही है।
एशियन बॉक्सिंग काउंसिल एशिया महाद्वीप में बॉक्सिंग के ढांचे, प्रतियोगिताओं और भविष्य की रणनीति तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है।
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विजेंदर सिंह का बयान
इस जिम्मेदारी पर बात करते हुए विजेंदर सिंह ने कहा,
“एशियन बॉक्सिंग काउंसिल का सदस्य बनना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं Boxing Federation of India और उसके नेतृत्व का धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया।
जैसे हमने बीजिंग में इतिहास रचा था, उसी तरह अब मेरा लक्ष्य एशियाई बॉक्सिंग के विकास के लिए काम करना है, खासकर भारतीय मुक्केबाज़ों को आगे बढ़ाने में।”
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भारतीय बॉक्सिंग को मिलेगा फायदा
विजेंदर की मौजूदगी से काउंसिल में खिलाड़ी-केंद्रित सोच को मजबूती मिलेगी। नीति निर्माण, गवर्नेंस और लॉन्ग-टर्म प्लानिंग में एक अनुभवी एथलीट की राय भारतीय बॉक्सिंग के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में कई पदक जीतने वाले विजेंदर आज भी देश के सबसे चर्चित खेल चेहरों में गिने जाते हैं।






