खो-खो भारत का एक पारंपरिक और मिट्टी से जुड़ा खेल है, जिसने आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना ली है। साल 2025 में आयोजित हुए पहले खो-खो विश्व कप में भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत के पीछे उन बेहतरीन kho kho players की कड़ी मेहनत, रफ्तार और चालाकी है, जिन्होंने मैदान पर अपनी गति से सबको हैरान कर दिया।

भारत के प्रमुख खो-खो खिलाड़ी (Top Indian Kho Kho Players)
भारतीय खो-खो टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपनी गति और रणनीति से दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है। जब भारत के सर्वश्रेष्ठ खो-खो खिलाड़ियों की बात होती है, तो कुछ नाम सबसे पहले सामने आते हैं:
- प्रतीक वाइकर: भारतीय टीम के कप्तान और एक शानदार वज़ीर। महाराष्ट्र से आने वाले प्रतीक अपनी कप्तानी और आक्रामक खेल के लिए जाने जाते हैं।
- रामजी कश्यप: उन्हें खो-खो की दुनिया का सबसे अच्छा ऑल-राउंडर माना जाता है। उनकी डाइविंग क्षमता और तेज़ गति विरोधियों को हैरान कर देती है।
- सचिन भार्गो: मध्य प्रदेश के सचिन टीम के एक और बेहतरीन वज़ीर हैं। वह अपनी तेज़ सोच के लिए जाने जाते हैं।
Indian Men's Kho Kho Players List & Squad
पहले खो-खो वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्य kho kho players की पूरी लिस्ट, उनकी पोजीशन और राज्यों के साथ नीचे दी गई है:
| खिलाड़ी का नाम | पोजीशन | राज्य | जर्सी नंबर |
|---|---|---|---|
| Pratik Kiran Waikar (Captain) | Wazir | महाराष्ट्र | 1 |
| Sachin Bhargo | Wazir | मध्य प्रदेश | 3 |
| Gowtham M. K. | Defender | कर्नाटक | 5 |
| Sinam Rokeson Singh | Attacker | मणिपुर | 12 |
| Akash Kumar | Attacker | उत्तर प्रदेश | 4 |
| Ramji Harishchandra Kashyap | All-rounder | महाराष्ट्र | 6 |
| Mehul Taak | All-rounder | नई दिल्ली | 55 |
| Sumon Barman | All-rounder | पश्चिम बंगाल | 9 |
| Aniket Bhagwan Pote | All-rounder | महाराष्ट्र | 1 |
| Subramani V. | All-rounder | तमिलनाडु | 23 |
| Pothi Reddy Siva Reddy | All-rounder | आंध्र प्रदेश | 10 |
| Aditya Prashant Ganpule | All-rounder | – | 19 |
| Pabani Sabar | All-rounder | ओडिशा | 67 |
| Nikhil B. | All-rounder | केरल | 53 |
| Suyash Vishwas Gargate | All-rounder | महाराष्ट्र | 8 |
खिलाड़ियों की पोजीशन और भूमिकाएं
खो-खो में सिर्फ दौड़ना ही काफी नहीं होता, बल्कि हर एक खिलाड़ी की भूमिका तय होती है। मैदान पर खो-खो खिलाड़ी मुख्य रूप से तीन भूमिकाओं में नजर आते हैं:
1.वज़ीर
वज़ीर खो-खो का सबसे ताकतवर खिलाड़ी होता है। कोर्ट मेवह किसी भी दिशा में दौड़ सकता है और मुड़ सकता है, जबकि अन्य खिलाड़ियोको सिर्फ एक ही दिशा में दौड़ना पड़ता है। प्रतीक वाइकर और सचिन भार्गो भारत के सबसे अच्छे वज़ीर खिलाड़ी माने जाते हैं।
2. ऑल-राउंडर
ये खिलाड़ी विशेष रूपसे अटैक और डिफेंस दोनों में माहिर होते हैं। रामजी कश्यप जैसे ऑल-राउंडर्स टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि वे लंबे समय तक क्रीज पर खड़े होकर विरोधी टीम का समय बर्बाद कर देते हैं।
3.अटैकर और डिफेंडर
अटैकर का काम पोल का इस्तेमाल करना और खो देना है, जिससे विरोधी आउट हो जाए। वही, डिफेंडर अपनी समझदारी और इधर-उधर भागने से खुद को आउट होने से बचाता है।
World Cup Glory: How Indian Players Became World Champions
साल 2025 में नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में पहला खो-खो विश्व कप खेला गया। भारतीय खो-खो खिलाड़ियों नेपूरे टूर्नामेंटमें अजेय रहते हुए ट्रॉफी जीती।
- ग्रुप स्टेज का दबदबा: भारत ने नेपाल, ब्राजील, पेरू और भूटान को एकतरफा मुकाबलोमें हराया।
- क्वार्टर और सेमीफाइनल: भारत ने श्रीलंका को 100- 40 और साउथ अफ्रीका को 62-42 से करारी शिकस्त दी।
- महामुकाबला (फाइनल): फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने नेपाल को 54-36से हराकर दुनिया का पहला खो-खो विश्व कप अपने नाम किया।
Sponsorship and Future of Kho Kho Players in India
भारतीय खो-खो खिलाड़ियों के लिए अच्छे समय की शुरुआत हो चुकी है। भारतीय खो-खो महासंघ के प्रयासों और ओडिशा सरकार की मदद से इस खेल को काफी बढ़ावा मिल रहा है।
ओडिशा सरकार ने जनवरी 2025 से दिसंबर 2027 तक भारतीय खो-खो टीमों (पुरुष और महिला) को प्रायोजित करने के लिए 15 करोड़ रुपये का बजट दिया है, जो प्रति वर्ष 5 करोड़ रुपये है। इससे खिलाड़ियोको विश्वस्तरीय प्रशिक्षण बेहतर भोजन और वित्तीय सुरक्षा मिल रही है।






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