रनिंग हैंड टच: कबड्डी की सबसे प्रभावशाली रेडिंग स्किल
कबड्डी एक ऐसा खेल है जहाँ रेडर की सफलता उसकी चपलता और सही तरीके से खेलने पर निर्भर करती है। इनमें से रनिंग हैंड टच सबसे ज्यादा कारगर मानी जाती है क्योंकि इसमें रेडर अपनी तेजी का फायदा उठाकर डिफेंडर को अचानक से चौंका देता है। इस कौशल का मुख्य मकसद होता है बिना पकड़े जाए, तेजी से दौड़ते हुए डिफेंडर को छूनाऔर तुरंत अपनी ओर वापस आना।
इसमें सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि रेडर को अपनी गति और शरीर के संतुलन के बीच एक बारीक संतुलन बनाना पड़ता है। अगर संतुलन थोड़ा भी बिगड़ जाए, तो डिफेंडर को आपको पकड़ने का मौका मिल जाता है। इसलिए एक सफल रेडर बनने के लिए आपको तेजी, समय और प्रतिक्रिया पर बहुत मेहनत करनी होती है। शुरुआत में तेजी और शरीर का संतुलन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि गलत संतुलन से रेडर आसानी से पकड़ा जा सकता है।

रनिंग हैंड टच के लिए सही बॉडी पोजीशन और बैलेंस
प्रोफेशनल कबड्डी में रनिंग हैंड टच करने के लिए सिर्फ तेजी से दौड़ना काफी नहीं है, आपके शरीर की स्थिति सबसे ज्यादा मायने रखती है।
लो बॉडी पोजीशन: जब आप डिफेंडर के करीब जा रहे हों, तो अपने शरीर को थोड़ा नीचे रखें। इससे आपको अचानक मूव करने और टच के बाद तेजी से मुड़ने में मदद मिलती है।
गति का इस्तेमाल: इस स्किल में रेडर को अपनी स्पीड का हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहिए। जब डिफेंडर को लगता है कि आप अभी दूर हैं, तब आपको अचानक अपनी गति बढ़ाकर उन पर हमला करना होता है।
संतुलन बनाए रखना: दौड़ते समय अपने गुरुत्वाकर्षण केंद्र को नियंत्रण में रखें। अगर आप बहुत ज्यादा आगे झुक जाएंगे, तो आप गिर सकते हैं या डिफेंडर आपका पैर पकड़ सकता है।
त्वरित वापसी: स्पर्श करने के बाद वापस मुड़ने की तकनीक पर ध्यान दें। जैसे ही आपका हाथ डिफेंडर को लगे, बिना अपनी गति कम किए तुरंत मध्य रेखा की तरफ भागें।
फुटवर्क और टाइमिंग: प्रोफेशनल रेडिंग का रहस्य
यदि आप किसी अच्छे रेडर को देखेंगे, तो उनका पैर की स्थिति और समय हमेशा सही होता है। रनिंग हैंड टच में भी यही दो चीजें अंक दिलाती हैं।
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सही पैर की स्थिति: आपका एक पैर आगे और एक पैर पीछे होना चाहिए ताकि आप किसी भी समय अपनी दिशा बदल सकें। पैर की स्थिति और समय का सही मेल होना बहुत जरूरी है।
पूरे शरीर की गति: कोच हमेशा कहते हैं कि केवल हाथ से टच करने की कोशिश न करें, बल्कि अपने पूरे शरीर को उस दिशा में ले जाएं। इससे आपकी पहुंच बढ़ जाती है और आप सुरक्षित रहते हैं।
समय का महत्व: रनिंग हैंड टच तभी काम करता है जब डिफेंडर थोड़ा ढीला खड़ा हो या अपनी स्थिति बदल रहा हो। सही समय पर हमला करना ही असली कौशल है।
डिफेंडर की हरकत पर नजर: डिफेंडर की आंखों और उसके पैरों की गति पर ध्यान दें। जैसे ही वह थोड़ा सा हिले, वही सही समय है हैंड टच करने का।
रनिंग हैंड टच सुधारने के लिए जरूरी ट्रेनिंग ड्रिल्स
इस कौशल को सही तरीके से मैच में इस्तेमाल करने के लिए आपको हर रोज अभ्यास करना होगा।
शटल रन: यह आपकी गति और अचानक रुकने की क्षमता को बेहतर बनाता है, जो रनिंग टच में बहुत मददगार होता है।
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शैडो प्रैक्टिस: बिना किसी विरोधी के हवा में टच करने और वापस मुड़ने का अभ्यास करें ताकि आपका शरीर संतुलन बना सके।
टारगेट प्रैक्टिस: किसी खंभे या दीवार पर निशान बनाएं और तेजी से दौड़ते हुए उसे टच करके वापस आने का अभ्यास करें।
रिएक्शन ड्रिल्स: अपने साथियों या कोच के साथ ऐसे अभ्यास करें जहां आपको उनके इशारे पर तुरंत हमला करना होता है। इससे आपकी प्रतिक्रिया तेज होगी।
इन दैनिक ड्रिल्स को करने से आप एक आम रेडर से एक बेहतर और पेशेवर कबड्डी खिलाड़ी बन सकते हैं। याद रखें, कबड्डी में वही रेडर लंबे समय तक सफल होता है जो अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाता रहता है।






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